पूर्वांचल के बाहुबली सांडी मौरम खंड एक मे परिवहन निकासी को किसान का खेत रौंद रहे.....

जिले की पैलानी तहसील क्षेत्र के सांडी खादर मौरम खण्ड एक की खदान खसरा एवं गाटा नम्बर 176 का भाग 179,180,177,147 का भाग, 144 का भाग, 141 का भाग...

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Apr 16, 2026 - 09:32
Apr 16, 2026 - 09:35
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पूर्वांचल के बाहुबली सांडी मौरम खंड एक मे परिवहन निकासी को किसान का खेत रौंद रहे.....

"तहसील पैलानी के ग्राम अलोना निवासी पीड़ित छोटा सिंह ने डीएम को दिए शिकायत पत्र में किसान को दबाव में लेकर निजी भूमि से मौरम परिवहन रस्ते की बात कहते हुए क्षेत्रीय खपटिंहा कला के पंकज चतुर्वेदी पर समझौता की मध्यस्थता के आरोप लगाए है। किसान ने बताया कि गांव क्षेत्र में दर्जनों किसानों से बिना डीएम की स्वीकृति के खेतिहर भूमि और कुछ वनविभाग की जमीन पर खदान आवागमन का रास्ता बनाया गया है।" 

बांदा। जिले की पैलानी तहसील क्षेत्र के सांडी खादर मौरम खण्ड एक की खदान खसरा एवं गाटा नम्बर 176 का भाग 179,180,177,147 का भाग, 144 का भाग, 141 का भाग,143,145,142,122,121,114 का भाग और 117 का भाग कुल रकबा 46 हेक्टेयर की लाल मौरम उप खनिज लीज पट्टा स्वीकार किया गया था। जिसमें खदान के रस्ते का एग्रीमेंट किसानों और वनविभाग की एनओसी से होना था। काबिलेगौर है के यह मौरम खंड 1 मूल रूप से सदर रजिस्टर दफ्तर में सिल्वर लाइन ऑटो मोबाइल्स स्टेशन रोड, एमजी रोड, सतना मध्यप्रदेश के नाम फर्म थी। जिसके रजिस्ट्री के वक्त प्रोपराइटर देवव्रत सिंह पुत्र स्वर्गीय दशरथ सिंह निवासी मुख्तयारगं, तहसील रघुराजपुर,सतना है। बीते दिनांक 10.12.2018 एवं अनुबंध दिनांक 18.12.2018 को यह रजिस्ट्री हुई थी। किन्तु कागजों और नियम को बौना साबित करते हुए वर्तमान में बीते 9 मार्च से संचालित सांडी खादर मौरम खंड एक के इस खदान को कूटरचित तरीके से मूल फर्म और रजिस्ट्री धारक द्वारा मौखिक तौर पर बेचा गया है । क्योंकि खदान रजिस्ट्री का मालिक कागजों में बदलता नहीं है। आज इस खदान की रॉयल्टी एमएम 11 प्रपत्र दिनांक 1 अप्रैल 2026 मुताबिक मेसर्स आरएस माइनिंग पार्टनर चन्द्रशेखर अग्रवाल के नाम कट रही है। सवाल यह है कि जब खदान की रजिस्ट्री हस्तांतरण नहीं हो सकती तो ग्राउंड पर बिना रजिस्ट्री फर्म और संचालक बदल कैसे गए है? कमोबेश बांदा की अन्य खदानों में भी खनिज अधिकारी की बदौलत यही लोचा है। यही कारण है कि खदान सूचना बोर्ड पर विस्तृत जानकारी छुपाई गई है। जिसमें फर्म का नाम, संचालक का नाम, समयावधि लिखना था उसमें सिर्फ "सांडी खादर नम्बर एक मौरम खदान चालू है।" इतना अंकित है।

गौरतलब है कि इस मौरम खंड के वर्तमान संचालक पर्दे के पीछे पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह है। जिसको गाज़ियाबाद क्षेत्र वैशाली के अंकित सिंह एवं पूर्व सांसद का रिश्तेदार देखता है। कुछ प्रभावी लोग खपटिंहा कला से शामिल है। जिनमें एक झोला छाप डाक्टर को भी यह खनन संचालक अपने हितों के लिए उपयोग कर रहा है। हाल ही में 11 लोगों पर दर्ज कराया गया षड्यंत्रकारी मुकदमा उसकी नजीर है। 

पीड़ित किसान ने की डीएम से शिकायत

सांडी खादर के मौरम खंड एक की हनक से परेशान किसान दबंगई इस कदर हावी है कि किसान छोटा पुत्र फकीरे सिंह निवासी ग्राम अलोना ने प्रार्थना पत्र देकर जिलाधिकारी श्रीमती जे. रिभा से त्वरित कार्यवाही की मांग की है। इस पीड़ित किसान के अनुसार उनकी निजी भूमि पर दबाव बनाकर क्षेत्र के दबंगों के सहारे जबरन खनिज परिवहन के अवागमन का रास्ता  बनाया गया है । ऐसा गांव सांडी और उनके गांव के दर्जनों किसानों के साथ हुआ है। किन्तु भय के कारण कोई बोलने का साहस नहीं करता है। खदान के गुर्गे खपटिंहा कला निवासी पंकज चतुर्वेदी के जरिए मौरम खंड एक ने लाल बालू / मौरम का परिवहन किसान के खेत से किया है । वहीं कुछ जमीन वनविभाग की सांठगांठ से वनक्षेत्र की ली गई है। शिकायत कर्ता किसान की मानें तो यहां धडल्ले से केन कैनाल पंप की जलापूर्ति को क्षति पहुंचा के भारी अर्थ मूविंग मशीनों से रातदिन अवैध खनन होता है। किसान और अन्य के विरोध करने पर देख लेने की धमकी यह कहकर दी जाती है कि "जो करना बहुत सोच समझकर करना,यह सरकार की खदान है और मुख्यमंत्री हमारे है।"

बतलाते चले कि किसानों से परिवहन निकासी को सादे हलफनामा में खदान संचालक एक फौरी अनुबंध दस्तखत कराकर किसान से लेते है। जब जांच की बात आती है तो लेखपाल को खर्चा देकर खान अधिकारी की संलिप्तता से अपने माफिक रिपोर्ट लग जाती है। जबकि उपजाऊ और खेतिहर जमीन से बिना डीएम की स्वीकृति के खनन आवागमन का रास्ता नहीं बन सकता है। क्योंकि यह उपजाऊ भूमि का व्यापारिक लैंडयूज है। लेकिन हर खदान में यही ढर्रा  है। इस पीड़ित किसान ने एसडीएम पैलानी,जिलाधिकारी के साथ मंडल आयुक्त अजीत सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में अलोना निवासी छोटा पुत्र फकीरे सिंह ने बताया है कि उसकी निजी भूमि ग्राम सांडी खादर मे है । जिसका गाटा संख्या 1131,1141 पंकज चतुर्वेदी निवासी खप्टिहाकला द्वारा सांडी खादर मौरम खण्ड एक में रास्ते के लिए 90 हजार रूपये में तय हुआ था। इन्होने खदान संचालक के बाहुबल से किसान को पांच-पांच हजार रूपये दो किश्तों में दिया था। वहीं बकाया 80 हजार रूपये की रकम मांगने पर उसको उसको गाली-गलौज और मुकदमो में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया जाता है। इतना ही नहीं खदान संचालक द्वारा उसकी बिना अनुमति के खड़ी फसल में रास्ता बनाकर रौंदा डाला गया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से कार्यवाही की मांग उठाई है। बतलाते चलें कि द पीटीबी कागजों में हेराफेरी करके खदान के मूल रजिस्ट्री धारकों से इतर अलग ठेकेदारों, बाहुबलियों और छद्म फर्मों का काला चिट्ठा उजाकर करता रहेगा। जल्द ही यह मामले एनजीटी जाएंगे।