बाँदा : बबेरू के चरका खादर खंड 10 पर कार्यवाही लेकिन दांदौ खदान पर मेहरबानी...

सोशल मीडिया मे पिछले तीन दिन से बबेरू खादर के चरका खादर मौरम खंड संख्या 10 को लेकर पुदीना बोया जा रहा था। मुनासिब है मासिक सिस्टम में कोई लोचा हुआ होगा...

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May 9, 2026 - 16:01
May 9, 2026 - 16:16
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बाँदा : बबेरू के चरका खादर खंड 10 पर कार्यवाही लेकिन दांदौ खदान पर मेहरबानी...

"बांदा राजस्व संयुक्त टीम ने 7 मई को बबेरू के चरका खादर खंड 10 पर जांच की है। इस जांच में 10371.00 अवैध खनन निर्धारित पट्टा क्षेत्र से बाहर पाया गया। जिसके तहत 1,18,22,940 रुपया जुर्माना हुआ है।" 

बांदा। सोशल मीडिया मे पिछले तीन दिन से बबेरू खादर के चरका खादर मौरम खंड संख्या 10 को लेकर पुदीना बोया जा रहा था। मुनासिब है मासिक सिस्टम में कोई लोचा हुआ होगा। अलबत्ता खनिज विभाग कुंभकर्णी नींद से जाग उठा तो मीडिया को भी चैन मिल गया। बीते 7 मई को संयुक्त जांच टीम द्वारा मौके पर अनुश्रवण किया गया। जिसमें जानकारी मुताबिक 11 हेक्टेयर की इस खदान के संचालक मेसर्स ईमारा इंटर प्राइजेज प्रोपराइटर इमरान अहमद मलिक पुत्र असरार अहमद मलिक निवासी विजय खंड, गोमती नगर लखनऊ है। जांच टीम ने पाया कि खनन पट्टा क्षेत्र से 10371.00 घन मीटर अवैध खनन हुआ है। राजस्व नुकसान की भरपाई में खदान संचालक पर 1,18,22,940 रुपया अर्थ दंड किया गया है। वैसे लोक सुनवाई / लोक अदालत में ज्यादातर खदान ठेकेदार अपना जुर्माना कुछ रकम भरकर माफ करा लेते है। इसलिए उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। यदि फर्क पड़ना होता तो मरौली खंड 5 के  संजीव गुप्ता तो पांच से ज्यादा बार जुर्माना झेले है। ब्यूरोक्रेसी भी जानती है कि मीडिया के बवाल को कैसे शांत करना है। वहीं बांदा जिले फतेहपुर की सरहद का बेजा लाभ उठाते हुए लाल मौरम माफिया शुक्ला जी बेलगाम हो चले है। यहां प्रशासन की नाक के नीचे खनिज अधिकारी राज रंजन की बड़ी कृपा से और खान इंस्पेक्टर गौरव गुप्ता की दिलेरी से बांदा की सीमा पर लगी नदियों का मर्दन जारी है। इस कड़ी में यमुना नदी की कोख को अवैध खनन करके उजाड़  किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि बांदा जनपद के कमासिन क्षेत्र में दांदौ घाट में एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय को बौना साबित करने में तुला सिस्टम नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन करा रहा है। यहां फाल्गुन गिरी माइंस के खदान संचालक आलोक कुमार शुक्ला के संरक्षण मे यमुना नदी को जार जार किया जा रहा है। मजेदार है कि मीडिया, माफिया और सिस्टम की जुगलबंदी में यह खनन की स्याह तिजारत केन,रंज, यमुना में ताबड़तोड़ अनलीगल माइनिंग कर रही है। क्या फर्क पड़ता है जिले के सत्ताधारी और विपक्ष को क्योंकि हमाम में सब नंगे है।

उधर यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंद्रा नगर स्थित क्षेत्रीय मंडलीय कार्यालय में बैठी महिला अधिकारी आंख मूंदकर रुपया समेटने में लगी है। कभी भी यह दफ्तर छोड़कर ग्राउंड पर नदियों की दुर्दशा देखने का साहस नहीं करती है। बाकी महोबा, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट के स्टोन क्रेशर, ग्रेनाइट खनन, मौरम खनन कारोबारी कार्यालय में हाजरी तो देते ही है। "माया समेटे जाओ, बुंदेलखंड को रेगिस्तान बनाओ, सरकार झूठी वाहवाही में खुश है, उन्हें कागजों में व्यवस्था चाक चौबंद दिखाओ।"