परिजनों ने स्क्रिप्टेड मुठभेड़ और हाफ इनकाउंटर के "आदेश" पर उठाए सवाल, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
बीते सप्ताह बदौसा क्षेत्र में बिजली कर्मचारी बनकर लूटपाट करने वाले अभियुक्तों को बांदा पुलिस प्रशासन एवं एसओजी ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किए जाने का दावा किया था...
आशीष सागर दीक्षित
"आरोपी आदेश के परिवार वालों ने बांदा पुलिस और राबिनहुड एसओजी पर गंभीर सवाल उठाए है। उनका आरोप है कि 4 दिन पहले ही आदेश को घर से उठा लिया गया था। फिर मुठभेड़ दिखाकर उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई है। पुलिस ने आदेश का आपराधिक इतिहास भी मीडिया सेल में जारी किया था।"
बांदा। बीते सप्ताह बदौसा क्षेत्र में बिजली कर्मचारी बनकर लूटपाट करने वाले अभियुक्तों को बांदा पुलिस प्रशासन एवं एसओजी ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किए जाने का दावा किया था। बकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके हाफ इनकाउंटर की तस्वीरों, बरामद सामान, अवैध तमंचा और आदेश का आपरेशन लंगड़ा वाला वीडियो जारी किया गया। जिसमें वो दर्द से कराहते हुए कहता दिखा कि साहब माफ कर दीजिए, गलती हो गई, मर जाऊंगा!!! स्थानीय मीडिया ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और उक्त मुठभेड़ को हूबहू लिखा गया,कहीं कोई सवाल नहीं था। अलबत्ता आदेश के परिजनों ने उच्च न्यायालय में दस्तक दी है और इस मुठभेड़ पर सवाल खड़े कर दिए है।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को बांदा जिला न्यायधीश अल्पना, अपर जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की टीम ने सीएमओ बांदा के साथ जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मामला हाईकोर्ट के उस "आदेश" का था जिसमें महज़ दो घंटे में हाफ इनकाउंटर की मेडिकल रिपोर्ट सहित तथ्यात्मक आख्या तलब की गई थी। मालूम रहे कि गाहेबगाहे होने वाली अपराधी और पुलिसिया मुठभेड़ की तर्ज पर यहां भी अभियुक्त के भागने की कोशिश, पुलिस टीम पर गोली चलाना और जवाबी बचाव फायरिंग में अभियुक्त के पैर पर गोली लगना जैसा परिदृश्य ही था। खैर मकदम की मीडिया खबरों में सवाल नहीं उठे लेकिन मुल्जिम के परिवार ने न्याय की उम्मीद में एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री पलास बंशल ने मीडिया को बताया कि पूरी मुठभेड़ रिपोर्ट और तथ्य उच्च न्यायालय के सामने रखे जाएंगे। देखना होगा कि लूटपाट की इस घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को मुकम्मल हुई मुठभेड़ की क्या सच्चाई प्रकट होती है। पूर्व में भी माननीय हाईकोर्ट ने हाफ इनकाउंटर/ अनायास मुठभेड़ इनकाउंटर पर बड़े सवाल खड़े किए है।