कटनी जंक्शन में ट्रेन के बाथरूम में दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर लापता....
एमपी के कटनी जंक्शन पर ट्रेन के बाथरूम के फर्श पर कोई अज्ञात मासूम बच्चे को छोड़कर चला गया है। ट्रेन के बाथरूम में पड़ा मिला ये नन्हा सा जीवन...
ट्रेन के बाथरूम मे फर्श पर पड़ा नवजात और खामोश समाज, असंवेदनशील मातापिता ???
कटनी/मध्यप्रदेश। एमपी के कटनी जंक्शन पर ट्रेन के बाथरूम के फर्श पर कोई अज्ञात मासूम बच्चे को छोड़कर चला गया है। ट्रेन के बाथरूम में पड़ा मिला ये नन्हा सा जीवन कई सवाल खड़े कर रहा है । ट्रेन का ठंडा फर्श, बदबूदार गंदगी युक्त जगह और अकेलापन ? सवाल यह कि एक साँस जो अभी-अभी शुरू हुई थी। उसने मातापिता को ऐसा क्या मजबूर किया कि उसको इस तरह ट्रेन के बाथरूम में तन्हा छोड़ दिया गया ? ऐसे कई सवालात है जो मौजूदा समाज पर प्रश्नचिन्ह खड़े करते है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के भोपाल में आवाज (AAWAJ) गैर सरकारी संस्था की टीम ने इसे तुरंत रेस्क्यू किया है। साथ ही अस्पताल में भर्ती करा दिया है । आवाज के फाउंडर निदेशक युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे ने सोशल मीडिया मे यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमारी टीम ने इसे बचा लिया लेकिन कितने मासूम इस तरह होंगे जो अपराधियों के हाथ लगते होंगे या तो नहीं बच पाते होंगे ? समाज को इस तरफ उदार एवं जागरूक होने की आवश्यकता है। प्रशांत दुबे भोपाल के आसपास या यूं कहिए मध्यप्रदेश में बाल अपराधों की जन पैरवी, जागरूकता अभियान और सरकारी विभागों को प्रशिक्षण देते रहते है।
इस घटना के लिये हम माँ को अकेले कठघरे में नहीं खड़ा करेंगे। पिता भी उतने ही जिम्मेदार हैं। और उससे भी ज़्यादा जिम्मेदार है वो समाज, जो डर पैदा करता है, सहारा नहीं। जो सवाल पूछता है, हाथ नहीं बढ़ाता। जो इज्ज़त के नाम पर ज़िंदगियों को कूड़ेदान में फेंक देता है।
साहब, बच्चों को फेंका नहीं जाता, उन्हें गले लगाया जाता है। अगर हालात मुश्किल हैं, तो मदद माँगिए — अस्पताल हैं, चाइल्डलाइन (1098) है, पालना घर हैं, 139 है, हम हैं। लेकिन किसी भी हाल में एक मासूम को इस तरह छोड़ देना समाधान नहीं, अपराध है।