अजयगढ़ जेल से रिहाई मिलते ही पुनः पन्ना वनविभाग की टीम ने अमित को गिरफ्तार किया

समाजसेवी अमित भटनागर बीते कुछ साल से केन बेतवा लिंक परियोजना का प्रतिरोध आदिवासियों के विस्थापन और मुआवजे को लेकर कर रहें है...

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May 12, 2026 - 17:35
May 12, 2026 - 17:45
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अजयगढ़ जेल से रिहाई मिलते ही पुनः पन्ना वनविभाग की टीम ने अमित को गिरफ्तार किया

समाजसेवी अमित भटनागर की अजयगढ़ न्यायालय से जमानत और जेल रिहाई होते ही पुनः गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी मुताबिक अमित को जेल गेट ही उनके परिजनों और समर्थकों के पहुंचने से पहले ही पन्ना टाइगर रिज़र्व वनविभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ गिरफ्तारी किया है। सोशल मीडिया पर अमित भटनागर के छोटे भाई अंकित भटनागर ने जब समाजसेवी अमित के अपहरण की शंका जाहिर करते हुए पन्ना जेल पुलिस और प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया तो वायरल वीडियो की छीछालेदर से बचने के लिए पन्ना पुलिस प्रशासन ने पुनः गिरफ्तार करने के रहस्य से पर्दा उठा दिया है..।

प्रशासन ने सूचना जारी करते हुए बताया कि वन विभाग की टीम ने उन्हें वन्यजीव अधिनियम सहित अन्य मामले में गिरफ्तार किया है।

 

यहां यह जानकारी देते चले कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले बिजावर निवासी समाजसेवी अमित भटनागर बीते कुछ साल से केन बेतवा लिंक परियोजना का प्रतिरोध आदिवासियों के विस्थापन और मुआवजे को लेकर कर रहें है। इस आंदोलन की अगुवाई करने वाले अमित भटनागर (निवासी: बिजावर, जिला छतरपुर) के विरुद्ध पहले पन्ना पुलिस ने 8 साथियों सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा लिखकर 7 मई को जेल भेजा था। जिससे राज्य स्तर पर विरोध हुआ।

आदिवासी और किसानों ने एसपी पन्ना कार्यालय घेर लिया। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी जेल में अमित से मिलने पहुंचे थे। फिर वे बांध स्थल भी गए थे। इधर जानकारी मिली है कि जेल गेट से रिहा होते ही आंदोलन के वक्त दर्ज हुए एक अन्य केस "वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 35(B), 50 और 52 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 611/16 दिनांक 07.04.2026 को पंजीबद्ध किया गया था।" अबकी बार अमित भटनागर को इस मुकदमे में त्वरित कार्यवाही करते हुए वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी की विधिवत सूचना अमित के भाई अंकित भटनागर उनके वीडियो वायरल होने के बाद  दे दी गई है।

यह भी देखें : अमित भटनागर की रिहाई के तुरंत बाद नई कार्रवाई, वन्यजीव अधिनियम में गिरफ्तारी

साथ ही, पुलिस थाना प्रभारी बमीठा वाल्मीक चौबे और संबंधित चौकियों को भी इस कार्यवाही से अवगत कराया गया है। उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके साथ मौजूद भीड़ जो बांध स्थल 11 मई को थी। उनके ऊपर भी वनविभाग एवं पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन कार्यवाही के संकेत कर रहा है। बीजेपी राज्य सरकार का यह षड्यंत्र और किसान , आदिवासियों के साथ अत्याचार विडम्बना पूर्ण है। लेकिन यह भी सच है कि इस आंदोलन से जन नेता बनकर निखरते अमित भटनागर ने पूरी मध्यप्रदेश की सत्ता हिला दी है। वहीं उन्हें घेरने लिए यह साजिश रची जा रही है। अमित ही जीतेगा अन्याय नहीं यही सत्य है। पन्ना टाइगर रिजर्व का जंगल, आदिवासियों के गांव, उनकी जमीन और बुंदेलखंड का वजूद पर्यावरणीय विनाश की परियोजना से अंधकार में है।