बाँदा : ग्राम मसुरी मे नौ दिन पहले नाबालिक लड़की की रहस्यमय मौत, मां की गुहार पर लाश कब्र से निकली...

बांदा के गिरवा क्षेत्र के ग्राम मसुरी में हरिजन बिरादरी की नाबालिक लड़की की संदिग्ध मौत नौ दिन पहले हुई थी...

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Apr 12, 2026 - 12:55
Apr 13, 2026 - 10:13
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बाँदा : ग्राम मसुरी मे नौ दिन पहले नाबालिक लड़की की रहस्यमय मौत, मां की गुहार पर लाश कब्र से निकली...

"बांदा के गिरवा क्षेत्र के ग्राम मसुरी में हरिजन बिरादरी की नाबालिक लड़की की संदिग्ध मौत नौ दिन पहले हुई थी। गांवदारी मे सुलह नामा हुआ तो मृतिका की मौत को आत्महत्या दर्शाकर आनन फानन दफन कर दिया गया था। इधर लड़की की मां सूरतिया (चिंगारी गैंग की सदस्य गुड़िया की जेठानी) ने बीते दो दिन पूर्व बांदा एसपी को पत्र देकर मामले की जांच कराने का निवेदन किया था।"

गिरवा/बांदा। जिले के थाना गिरवा अंतर्गत ग्राम मसुरी की रहने वाली हरिजन महिला सूरतिया (चिंगारी गैंग सदस्य रही) की नाबालिक लड़की रहस्यमय तरीके से मर गई। लड़की के परिजनों ने आरोपी नाबालिक लड़के के परिजनों के साथ तत्कालीन दरोगा की मध्यस्थता पर संवाद किया। मौखिक सुलहनामा हुआ तो मृतिका को आत्महत्या मानकर गांव में ही बिना पुलिस सूचना के दफना दिया गया। जिससे पोस्टमार्टम की नौबत न आ सके और मामला गांव में ही दबा रहे। उल्लेखनीय है कि बीते 2 अप्रैल की रात्रि को नाबालिक लड़की का शव संदिग्ध हालत में मिला था। सुबह मौके पर एकत्र लड़की के परिजनों ने आरोपी लड़के के घरवालों से जरिए तत्कालीन दरोगा मध्यस्थता की और बात सुलहनामा तक पहुंच गई। गांव के रहवासी समाजसेवी धीरज मिश्रा ने बीते 11 अप्रैल को व्हाट्स सोशल मीडिया पर एक संदेश बांदा एसपी साहब के नाम लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया जिससे किसी बेगुनाह को फंसाया न जा सके।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लड़की पक्ष के द्वारा पुलिस मध्यस्थता में लड़के वालो से लेनदेन की रकम भी पहले 40,000 रुपए फिर 2 लाख रुपए खोली है। जिसकी प्रामाणिक पुष्टि द पीटीबी डिजीटल मीडिया नहीं करता है। अलबत्ता उन्होंने ऐसा दावा किया और एक ऑडियो भी वायरल किया है जिसमें लड़की के परिवारिक सदस्य और लड़के पक्ष से बातचीत लेनदेन के मामले पर हो रही है। वो ऑडियो सुरक्षित है। बतलाते चले कि मृतक नाबालिक लड़की और गांव के किशोर का प्रेमप्रसंग का मामला था। घटनाक्रम मुताबिक प्रेमजाल में उलझी नाबालिक लड़की और किशोर को आपत्तिजनक अवस्था में मां सूरतिया ने देख लिया था। जिससे आक्रोशित होकर लड़की के साथ मारपीट की गई थी।

ग्रामीण सूत्रधार कहते है कि खबर उड़ी कि लड़की ने आत्महत्या कर ली लेकिन असलियत कुछ और है। संदिग्ध मौत से लड़की के करीबी ही जुड़े हैं। उधर सुबह हल्ला हुआ तो दारोगा जी के मार्फत लड़के पक्ष से वार्ता हुई और बात समझौता तक पहुंच गई। राजी होने पर लड़की को जल्दबाजी में ही बिना प्रशासन को जानकारी दिए दफन कर दिया गया। इधर दारोगा जी का ट्रांसफार्मर हुआ तो नए दरोगा जी को कुछ खबर नहीं थी। मृतिका की माताजी सूरतिया बांदा एसपी की चौखट पर प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचती है और लड़की के साथ दुष्कर्म एवं हत्या का आरोप लगाकर उक्त प्रेमी लड़के एवं उसके साथ संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग होती है। निष्पक्ष जांच के पक्षधर बांदा एसपी पलाश बंसल साहब ने शव को डीएम की अनुमति से बाहर निकालकर अफसरों की निगरानी में पैनल से पोस्टमार्टम करने के आदेश दिए। गौरतलब है कि 11 अप्रैल को गांव मसुरी छावनी बन जाता है। वहीं लड़की का दफन शव गांव में कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला जाता है। अब मेडिकल और पुलिस की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ है। 

शव का बिसरा कब्जे में, एफएसएल जांच से खुलेंगे राज...

डाक्टरों ने शव का बिसरा सुरक्षित कर लिया है। इसको एफएसएल जांच के लिए झांसी भेजा जाना है। पुलिस अधिकारियों एवं मेडिकल डाक्टरों के निगरानी में शनिवार को ही पोस्टमार्टम किया गया। डाक्टर पैनल में डाक्टर शिव सागर सिंह, डाक्टर ह्रदयेश पटेल, मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग से डाक्टर मुकेश बंसल शामिल थे। इस पीएम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई है। अपर एसपी शिवराज सिंह ने कहा कि बिसरा रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। किन्तु सवाल यह कि यदि मामला हत्या का निकलता है तो क्या लड़के पक्ष को ही दोषी माना जाएगा या फिर एक गहनता से जांच करके गांव की परिस्थितियों, मौके के घटनाक्रम और अन्य गवाहों के आधार पर असली मुल्जिम तक पुलिस टीम पहुंचने में कामयाब होगी ? फिलहाल खबर के साथ धीरज मिश्रा की पोस्ट का स्क्रीन शॉट भी लगाया गया है। यह इसी गांव से ताल्लुक रखते है। कहते यह भी है कि इस गांव में एक बड़ा नेटवर्क है जो बेगुनाहों को झूठे मुकदमों में रूपयों के लालच में अशिक्षा, उकसावे और गरीबी के कारण फंसाता रहता है।