एनडीटीवी के लाल माइक पर धन उगाही का आरोप, डाक्टर प्रतीक्षा ने सुनाई आप बीती...

शहर में लगभग दो सैकड़ा छोटे और बड़े पत्रकार है। साल 2018 के पहले तक उंगलियों में आंशिक पत्रकार होते थे। किन्तु विकास की गतिशीलता में बेरोजगारी का दंश ढोते कमतर पढ़ेलिखे और ई रिक्शा चालक...

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Apr 10, 2026 - 15:47
Apr 10, 2026 - 15:52
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एनडीटीवी के लाल माइक पर धन उगाही का आरोप, डाक्टर प्रतीक्षा ने सुनाई आप बीती...

"दिनांक 9 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार को समय लगभग अपराह्न 12:30 बजे जिला अस्पताल के रूम नम्बर 8 ओपीडी जनरल सर्जन डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता के साथ जो हुआ वह पत्रकारिता के पतन का एक और आंशिक अध्याय है। उन्होंने बीते एक सप्ताह से अपने साथ हुए घटनाक्रम को प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपर एसपी बांदा को अवगत कराकर कार्यवाही की मांग उठाई है।" 

बांदा। शहर में लगभग दो सैकड़ा छोटे और बड़े पत्रकार है। साल 2018 के पहले तक उंगलियों में आंशिक पत्रकार होते थे। किन्तु विकास की गतिशीलता में बेरोजगारी का दंश ढोते कमतर पढ़ेलिखे और ई रिक्शा चालक और स्टूडियो संचालक भी अब मुख्यधारा की पत्रकारिता का रुआब लेकर अवतरित है। कारण भी स्पष्ट है सरकारी खामियां उजागर करने की आड़ में प्रलोभन और लाल मौरम के पेशे में दो दर्जन खदानों से ठीकठीक महीना मिल जाना। इस दरम्यान कुछ मुट्ठीभर पीत पत्रकार जिला अस्पताल पर भी मंडराते रहते है। यह मंडराना दो तरह का है एक तो व्यक्तिगत टारगेट और दूसरा किसी चिकित्सक के उकसावे मे उसके प्रतिस्पर्धी डाक्टर को निशाना बनाने का षड्यंत्र होना। इस बार जिला चिकित्सालय पुरुष मे जनरल सर्जन डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता ऐसे पत्रकारों के निशाने पर आ गई है। उल्लेखनीय है कि संविदा पर कार्यरत जनरल सर्जन डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता जी सेवानिवृत्त नेत्र चिकित्सक डाक्टर एसपी गुप्ता की बहु है। स्वभाव से विनम्र और शालीन महिला डाक्टर ने अपने वीडियो बयान और बीते 9 अप्रैल दिन गुरुवार को अपर एसपी श्री शिवराज सिंह को दिए शिकायत प्रार्थना पत्र में आपबीती लिखी है। यह अलग बात है कि भारत समाचार के स्ट्रिंगर और उक्त एनडीटीवी इंडिया डिजीटल के स्ट्रिंगर मनीष मिश्रा के सहयोगी ने एकतरफा बिना आरोपित डाक्टर का पक्ष जाने ही सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर खबर ब्रेक की है। वहीं दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला ने भी महिला डाक्टर का पक्ष जानकारी करने की कवायद नहीं की और बांदा पेज दो पर सीधा लिखा शीर्षक "ओपीडी मे सीएमएस का निरीक्षण,वीडियो बनाने पर भड़की सर्जन" चेंप दिया। अलबत्ता महिला डाक्टर करती भी क्या उन्होंने अपने परिजनों को साथ लेकर जरिए प्रार्थना पत्र जिसकी प्रतिलिपि सीएमओ एवं सीएमएस बांदा को भी दी गई है। पुलिस अधीक्षक बांदा को सम्बोधित पत्र में पूरी बात लिखकर कार्यवाही की मांग उठाई है। सोशल मीडिया की पत्रकारिक गंध से हलकान डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता ने आज दिनांक 10 अप्रैल को वीडियो बयान में अपनी आंतरिक बात स्पष्ट की है। उन्होंने जैसा प्रार्थना पत्र मे लिखा वह हूबहू यहां दिया जा रहा है। करीब ऐसा ही बयान पीड़िता डाक्टर ने वीडियो में दिया है। यह द पीटीबी के पास सुरक्षित है। 

महिला डाक्टर के पत्र का अंश एवं फोटो...

सेवा मे,
       श्रीमान पुलिस अधीक्षक बांदा।

विषय :- एनडीटीवी इंडिया डिजीटल के स्ट्रिंगर/ पत्रकार मनीष मिश्रा एवं अजय उर्फ प्रवीण द्वारा राजकीय कार्य में अवरोध व मेरी निजता के उल्लंघन के संबंध में प्रार्थना पत्र।

महोदय,
           उपरोक्त विषयक सादर अनुरोध है आज दिनांक 9 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय (पुरुष) मे प्रार्थीया डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता, जनरल सर्जन अपने चिकित्सा कक्ष में सेवा कार्य कर रही थी। इस दरम्यान एनडीटीवी इंडिया डिजीटल के स्ट्रिंगर / पत्रकार मनीष मिश्रा एवं अजय उर्फ प्रवीण द्वारा अपराह्न 12:30 बजे आकर राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए प्रार्थीया का वीडियो और फोटो बिना अनुमति बनाने लगे। साथ ही कक्ष में उपस्थित मरीजों से अनावश्यक पूछताछ करने लगे। उल्लेखनीय है कि यह सिलसिला पिछले एक सप्ताह से चल रहा है। श्रीमान मेरा मानसिक उत्पीड़न करते हुए उक्त दोनों पत्रकार मुझसे लगातार धन उगाही की मांग करते है। ऐसा न करने पर मेरी नौकरी को नुकसान करने की धमकी देते है। आज भी इन दोनों ने मुझे शारीरिक रूप से परेशान करते हुए मेरे खाने का वीडियो बनाकर मुझसे अभद्रता करते हुए सोशल मीडिया मे डालने की धमकी दी है।"

प्रतिलिपि :-

  1. सीएमएस, बांदा
  2. मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा 

भवदीय

डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता (जनरल सर्जन)जिला चिकित्सालय, बांदा। एवं निवास पता आवास विकास,बांदा।

क्या लाल माइक एनडीटीवी इंडिया का स्ट्रिंगर पत्रकारिता ही कर रहा है....

डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता के उपरोक्त प्रार्थना पत्र का अंश पढ़कर और हाल ही मे नरैनी एसडीएम अमित शुक्ला के साथ इसी पत्रकार द्वारा की गई तुनक मिजाजी और अग्रेसिव बयानी तथा गत 21 दिसम्बर 2025 को स्थानीय एक्टिविस्ट एवं पत्रकार के घर पहुंचकर अपने शार्गिदों के साथ शराब के नशे में हुड़दंग का वीडियो सवाल उठाता है कि क्या लाल माइक के घमंड में लगातार बदमिजाजी और हनक दिखाते एनडीटीवी इंडिया के स्ट्रिंगर अपनी लाबी के साथ पत्रकारिता ही कर रहें है या लाल माइक अब समाज और सरकारी गैर सरकारी लोगों को धमकाने, हड़काने का हथियार बन चुका है? सवाल यह भी कि पीड़िता डाक्टर के एक दिन पूर्व प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर पुलिस प्रशासन ने दोषियों पर क्या कार्यवाही की है? क्या उन्हें भी बड़े बैनर के अदने स्ट्रिंगर से ब्यूरोक्रेसी की कमियां उजागर होने का भय है? बतलाते चलें कि गुरुवार को डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता रोते हुए अपने आवास विकास स्थित घर पहुंची थी। यह सारा घटनाक्रम तब हुआ जब उनके चिकित्सक पति तिंदवारी कैंप में गए थे। वीडियो बयान में आन कैमरा डाक्टर प्रतीक्षा गुप्ता ने विभागीय डाक्टर के उकसावे मे आर्थिक लाभार्जन और उत्पीड़न के लिए मनीषा मिश्रा पर घटना कारित करने की बात कही है। जबकि उन्होंने आफ कैमरा साजिश कर्ता श्रीवास्तव महिला डाक्टर का नाम तक खोल दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन लाल माइक की रुतबेदारी पर रहमदिली रखता है या आम नागरिक की तर्ज पर यहां भी न्याय होते दिखेगा ? क्योंकि कानून तो अंतिम आदमी के लिए ही बनते है टशन वाले खास आदमी के लिए मुकम्मल नहीं होते अपवाद की बात अलग है।