बांदा विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग को लेकर जारी किया प्रेस नोट....

शहरी, आमजन को जागरूक करते हुए बांदा विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी भूखण्ड को खरीदने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि संबंधित...

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Apr 6, 2026 - 11:34
Apr 6, 2026 - 11:38
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बांदा विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग को लेकर जारी किया प्रेस नोट....

"बांदा शहरवासियों एवं जनता से विकास प्राधिकरण ने अपील की है कि शहर के चारों तरफ तेजी से कृषि ज़मीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। अतः बिना बीडीए से जानकारी लिए और बगैर नक्शा पास, लेआउट पास भूखंड न खरीदे जाएं। कृषि जमीनों पर शहरीकरण को बढ़ावा देने और भूमाफिया को समृद्ध करने के उद्देश्य पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।"

  • आमजन को जागरूक करते हुए बांदा विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है।

बांदा। शहरी, आमजन को जागरूक करते हुए बांदा विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी भूखण्ड को खरीदने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि संबंधित भूमि का ले-आउट प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति वाली जमीन खरीदने पर भविष्य में कड़ी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

बांदा विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दल द्वारा हाल ही में जिले के आसपास बबेरू रोड, महोबा रोड तथा महोबा रोड से चिल्ला रोड बाईपास क्षेत्र में संचालित कई कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंगों का निरीक्षण किया गया है। इस निरीक्षण के दौरान जिन प्रमुख स्थानों पर अवैध प्लाटिंग पाई गई है उनमें महोबा रोड से चिल्ला रोड बाईपास के बीच “विराट नगर” के नाम से की जा रही प्लाटिंग, टाटा सर्विस सेंटर के पास की प्लाटिंग, बाईपास के अंदर “एकलव्य नगर” नाम से प्लाटिंग, महोबा रोड पर गोकुलम होटल के बगल की प्लाटिंग, बबेरू रोड पर छोटा बाईपास नहर से पहले की प्लाटिंग, पं. दीन दयाल पुरम के पीछे नहर से सटी प्लाटिंग तथा पं. दीन दयाल पुरम आवासीय योजना में 18 मीटर रोड से जुड़े महावीरन मंदिर के पीछे की प्लाटिंग शामिल हैं। यह अवैध प्लाटिंग ज्यादातर कृषि भूमि पर है।

बांदा विकास प्राधिकरण ने नगरवासियों से अपील की है कि इन अवैध प्लाटिंगों में किसी भी प्रकार का निवेश न करें। वहीं बांदा विकास प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कभी भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित भू-स्वामी की होगी।

प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि जनहित में यह सूचना जारी की गई है ताकि लोग किसी प्रकार के आर्थिक नुकसान से बच सकें और वैध प्रक्रिया के तहत ही संपत्ति क्रय करें। जानबूझकर ऐसी अवैध प्लाटिंग का हिस्सा बन रहे नागरिकों के भूखंड पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही ऐसे प्रापर्टी डीलर भी माफ नहीं किए जाएंगे। बतलाते चलें कि सदर रजिस्ट्रार दफ्तर में  नौकरी कर रहे कुछ बाबू मसलन राजू आदि ने फर्जी प्लाटिंग के धंधे को बढ़ावा दिया है। ये स्वयं भी पर्दे के पीछे से अवैध प्लाटिंग कारोबार में निवेश कर रहें है। आज रजिस्ट्रार दफ्तर के बाबू राजू की प्रापर्टी ही शहर में करोड़ो की बन चुकी है। कभी डेलीवेज में नौकरी पाकर आजीविका चलाने वाले राजू को पूर्व सदर रजिस्ट्रार धर्मेंद्र चौधरी ने काम दिया था। बाद में रजिस्ट्रार रहे राकेश मिश्रा ने संरक्षण देकर इन्हें कूट रचित दस्तावेज का खेल सिखाया। नजूल जमीनों की रजिस्ट्री हुई और शहर के बड़े भूमाफिया एवं प्रापर्टी डीलर राजू के खास बन गए है। ऐसे में बीडीए का यह फरमान क्या गुल खिलाएगा यह वक्त की बात है।