सपा नेता मोहन साहू पर चप्पल मारने की साजिश रचने वाले "पत्रकार" और महिला पर मुकदमा....
शहर की आबोहवा में दुर्गंध मारती राजनीति के निकृष्ट स्तर पर बुंदेलखंड के बांदा मे घटनाक्रम होने लगे है। कौन कितना नीचे तक गिर सकता है अब राजनीति में सत्ता हथियाने...
"बांदा शहर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और सपा नेता मोहन साहू पर बीते 2 जून को साज़िशन सार्वजनिक अपमानित करने और एक महिला को ढाल बनाकर चप्पल मरवाने वाले छुटभैये पत्रकार प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा एवं महिला गीता पत्नी कालीचरण पर नगर कोतवाली मे पीड़ित मोहन साहू की तहरीर पर अपराध संख्या 274/2026 दिनांक 2 जून को केस दर्ज हुआ है। जिसमें बीएनएनएस की धारा 352,351 (3),356 (2) के तहत अभियोग लिखा गया है। किन्तु मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप त्रिपाठी पर धारा 120 बी षड्यंत्र रचना और आईटी एक्ट को बचा लिया गया है।"
बांदा। शहर की आबोहवा में दुर्गंध मारती राजनीति के निकृष्ट स्तर पर बुंदेलखंड के बांदा मे घटनाक्रम होने लगे है। कौन कितना नीचे तक गिर सकता है अब राजनीति में सत्ता हथियाने और जनता में लोकप्रियता का यही मापदंड बचा है। सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी से शहर और जिले के जो भी माननीय है उनका एकसूत्रीय अभियान पीएम मोदी और सीएम योगी की कही बातों को प्रचारित करना है। अपने मन की बात से इतर विधायक निधि पर छद्म विकास के थिंगरे लगाने की कवायद पिछले कई वर्षों से क्रियाशील है। वहीं जिले में समाजवादी पार्टी बनाम भाजपा की जुबानी नूराकुश्ती मे "निर्वाचित माननीय बनाम पूर्व सपा नगरपालिका अध्यक्ष" की बयानबाजी में जनता कबड्डी खेल रही है। इसी दरम्यान गत 2 जून दिन मंगलवार को जिले में सपा के कद्दावर नेता मोहन साहू रोज की तरह मुक्तिधाम में अंत्येष्टि संस्कार को पहुंचे थे। शहर में किसी की भी गमी हो उन्हें जानकारी हुई तो वे यथासंभव दुःखी परिजनों के पास या मुक्तिधाम पहुंचने का जतन करते है। मंगलवार को शहर के शंकर नगर निवासी प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा जो की दैनिक जन एक्सप्रेस के संवाददाता है। बकौल मोहन साहू और उनकी तहरीर के मुताबिक प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा ने एक रणनीति और सुनियोजित साजिश के तहत शहर निवासी दलित महिला गीता पत्नी कालीचरण को साथ लेकर मुक्तिधाम रस्ते में उनकी रेकी करते हुए अपमानित कराने का काम किया है । मोहन साहू तहरीर में लिखतें है कि वे मुक्तिधाम में सुबह करीब 10 बजे खुटला मोहल्ला निवासी भोले विश्वकर्मा की पत्नी के अंतिम संस्कार यात्रा में गए थे। मुक्तिधाम गेट से बांके बिहारी मंदिर के पहले कंधा देने के बाद अपनी गाड़ी में बैठकर मुक्तिधाम जा रहे थे। उसी वक्त पूर्व प्लानिंग (योजना) को अमलीजामा पहनाने के मद्देनजर प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा निवासी शंकर नगर ने दलित महिला गीता को उकसाते हुए उनके ऊपर हमला करते हुए अपमानित करने और चप्पल मारने को कहा। जिस पर गीता ने षड्यंत्र के तहत वहीं कृत्य किया। वहीं मुख्य साजिश कर्ता प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा स्वयं मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। इसके बाद मेरी राजनीतिक और सामाजिक छवि खराब करने को प्रदीप त्रिपाठी ने महिला का मनगढ़त जाति सूचक बयान रिकार्ड किया और यह दोनों वीडियो पुलिस मीडिया सेल से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कर दिए गए। जिसको कुछ अन्य पत्रकारों ने भी हूबहू वायरल किया और उन्हें मानसिक आघात पहुंचाया। मोहन साहू ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में जानलेवा हमले की बात भी लिखी है। उन्होंने घटना के चार चश्मदीद गवाह भी प्रार्थना पत्र में दर्शाये है।
सोशल मीडिया की मजम्मत के बाद केस दर्ज
सपा नेता मोहन साहू की तहरीर और शहर वासियों में खासकर साहू समाज के आक्रोश को शांत करने के उद्देश्य से थाना कोतवाली नगर में मुख्य साजिश कर्ता प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा पुत्र चंद्रशेखर त्रिपाठी सहित महिला गीता पर अपराध संख्या 274/2026 बीएनएनएस की धारा 352, 351 (3), 356 (2) के तहत अभियोग लिखा गया है। किन्तु मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप त्रिपाठी पर धारा 120 बी और आईटी एक्ट एफआईआर में अंकित नहीं है। क्योंकि उक्त सहयोगी महिला द्वारा सार्वजनिक स्थल पर एक जनप्रतिनिधि को चप्पल मारने का वीडियो सबसे पहले प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा ने ही वायरल किया था। इसके बाद व्हाट्स और फेसबुक पर इसने हलचल मचा दी थी।
मोहन साहू ने अपने मीडिया बयान में सदर विधायक का नाम लिया था
बांदा शहर की राजनीति में एकदूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी मोहन साहू ने बीजेपी से सदर विधायक का नाम भी घटना के दिन मीडिया बयान में लिया था। उन्होंने प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा को उनका करीबी बतलाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मौजूद है। वैसे भी अक्सर अपने फेसबुक पेज और संगत में बीजेपी के सियासी राष्ट्रवाद का जिंदाबाद करते प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा गाहेबगाहे सदर विधायक की चालीसा पढ़ते नजर आते है। वैसे मोहन साहू पर प्रायोजित चप्पल कांड की खबर को तड़का बनाकर छौंका लगाने वाले धरतीपुत्र पत्रकार क्या अब साजिश कर्ता प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा के सीसीटीवी फुटेज खुलासे पर कुछ बोलेंगे ? या दो शब्द लिखने की ज़हमत कर सकतें है जिन्होंने पुलिस मीडिया सेल ग्रुप में द पीटीबी और जनमत न्यूज के द्वारा सच्चाई लिखने पर 2 जून की रात्रि मंथरा और कैकेई सा करुण विलाप अपने को हरिश्चंद्र घोषित करते हुए किया था ?
कमलेश फाइटर गैंग से लेकर अन्य मामलों तक शामिल है प्रदीप
बीते साल कानपुर में जन एक्सप्रेस दैनिक अखबार और इसके यूट्यूब चैनल से जुड़े कमलेश फाइटर गैंग पर कड़ी कार्यवाही मुनासिब हुई थी। जानकारी मुताबिक इंटरनेट पर दैनिक भास्कर की उपलब्ध खबर को कोड करें तो
कमलेश फाइटर गैंग के लिए वसूली करता था प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा
दैनिक भाष्कर की फाइल खबर अनुसार स्कूल संचालक हरप्रीत सिंह ने झांसी के नजीराबाद थाने मे स्कूल के खिलाफ फर्जी खबर चलाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने, रंगदारी न देने पर पिस्टल लगाकर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कमलेश फाइटर, मुशीर, मो. रियाज और प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा समेत 6 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने कमलेश फाइटर, मो. रियाज रिजवी, कमलेश के साले सूरज और उसके गुरु संजय पाल को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। जिसमें कमलेश फाइटर और सूरज बांदा से गिरफ्तार हुए थे।
जबकि वसूली गैंग में शामिल शातिर प्रदीप त्रिपाठी फरार चल रहा था। प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा की तलाश मे कानपुर पुलिस की कई टीमें लगी हुई थीं। इस दौरान पुलिस को प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा की अपने घर बांदा जनपद में होने की सूचना मिली। लोकेशन और इस सूचना पर पुलिस ने आरोपी को बांदा से अरेस्ट कर लिया था।
कानपुर पुलिस प्रदीप को बांदा से कानपुर और झांसी लेकर गई थी। वहीं तत्कालीन पुलिस टीम ने दिन रविवार को इन्हें जेल भेजा था। पुलिस द्वारा प्रदीप तत्रिपाठी उर्फ राजा ने पूछताछ में कमलेश फाइटर वसूली सिंडीकेट के बारे में कई अहम जानकारियां दी थी। यह बड़ी कार्यवाही कानपुर के भूमाफिया और एक निजी चैनल के मालिक एवं अधिवक्ता अवनीश दीक्षित के खुलासे के बाद मुकम्मल हुआ था, यह खबरें आज भी इंटरनेट पर मौजूद है।
बांदा में एचएस और गैंग्स्टर कार्यवाही
शहर के शंकर नगर निवासी प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा पर पूर्व में साल 2022 तक एचएस 430 A थाना नगर कोतवाली खुली है। वहीं पूर्व में बदौसा क्षेत्र के थाना फतेह गंज में एक झोलाछाप डॉक्टर से विवाद और अपहरण मे सीएमओ के हस्तक्षेप पर गैंगस्टर सहित अन्य धारा लगी थी। साथ ही जिला हमीरपुर मौदहा के खंडेहा में हिन्दू देवता के मूर्ति चोरी मामले में भी यह नामजद रहें है। कानूनी दांव पेच से बचने को पत्रकारिता में आए प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की गलबहियां करते रहते है।
दूसरों पर फर्जी मुकदमों को लिखवाते प्रदीप
शहर के शंकर नगर निवासी प्रदीप त्रिपाठी उर्फ राजा ने 1 मई साल 2018 को वनविभाग निवासी द प्रेस ट्रस्ट ऑफ बुंदेलखंड के फाउंडर आशीष सागर दीक्षित पर सत्ता के माननीय को लिखने पर डिग्री कालेज रोड के पास कूटरचित घटना दिखाकर मुकदमा अपराध संख्या 286/2018 धारा 392 और 507 मे थाना कोतवाली नगर लिखाया था। जिसमें तत्कालीन डीआईजी मनोज तिवारी एवं एसपी रही श्रीमती शीतल वर्मा के सतत् निगरानी से क्लोजर रिपोर्ट लगी थी। यह मामला बांदा स्पेशल दस्यु प्रभावित कोर्ट से एफआर स्वीकृति के बाद निस्तारित है। ऐसे ही अन्य मामलात है जो षड्यंत्र के तहत दर्ज कराए जाते है ताकि समाज में लोगों का चरित्र हनन किया जा सके। क्या खबर की सपा नेता मोहन साहू भी इसी चक्रव्यूह का हिस्सा बन जाते, वो तो सीसीटीवी फुटेज ने साजिश कर्ता की पोल पट्टी खोलकर रख दी है। लेकिन यह राजनीति का स्याह और गिरा हुआ घिनौना परिदृश्य है जहां राजनीति जनसेवा, मुद्दों से इतर एकदूसरे के चरित्र पर कीचड़ उछालने से हो रही है।