बाँदा : पुलिस कर्मी पर युवती के संगीन आरोप में फौरी जांच के बाद मुकदमा दर्ज...
जिला बांदा थाना कालिंजर क्षेत्र की निवासी एक महिला/ युवती ने बीते सोमवार को पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर एक सिपाही पर गम्भीर आरोप लगाएं है...
"जिला बांदा थाना कालिंजर क्षेत्र की निवासी एक महिला/ युवती ने बीते सोमवार को पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर एक सिपाही पर गम्भीर आरोप लगाएं है। उस कथित पीड़िता मुताबिक वो थाना कालिंजर की रहने वाली है। साल 2021 में थाना कालिंजर में तैनात सिपाही पवन कनौजिया ने उसके घर आना जाना शुरू किया था। इस दरम्यान कथित युवती और सिपाही में जान पहचान हुई तो नजदीकियां बढ़ी। सिपाही पर तथाकथित आरोप लगाते हुए उक्त युवती ने पत्र में लिखा कि उसका भरोसा जीतकर उसको शादी का झांसा देकर उससे लगातार वर्ष 2023 तक सिपाही ने शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही कार खरीदने के नाम पर युवती से 2 लाख रुपया और करीब डेढ़ लाख की कीमत के जेवरात ले लिए गए। उन्हें आज तक वापस नहीं किया गया। इस बीच सिपाही का तबादला पहले बांदा पुलिस लाइन फिर हमीरपुर हो गया है। इसके बाद भी युवती को शादी का भरोसा देकर बांदा बुलाया गया और वनविभाग रोड के पास किराए का कमरा लेकर महीनों तक अपने साथ रखा, इस दौरान भी फिजिकल संबंध बनते रहे। बकौल कथित पीड़िता जब उसने विवाह का दबाव बनाया तो सिपाही ने फर्जी मुकदमा लिखवाने की धमकी देकर इंकार कर दिया। बतलाते चले कि पीड़िता ने सिपाही पवन कनौजिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की अपील की है।
सीओ सिटी की मीडिया ब्रीफिंग
सहायक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं सीओ सिटी श्रीमती मेविस टाक ने आज 5 मई को वीडियो बयान से बताया कि कथित युवती के आरोप अनुसार फौरी जांच की गई, मामला संवेदनशील है इस नाते सुसंगत धाराओं में अभियोग लिखा गया है। साथ ही विवेचना प्रचलित है और विभागीय कार्यवाही के संकेत दिए है। देखना होगा कि कथित युवती के साथ यौनाचार का आरोप झेलने वाले सिपाही को राहत मिलती है या दोषी पाए जाने पर आरोप पत्र दाखिल होता है। सवाल यह कि सर्वोच्च न्यायालय भी सहमति या लिविंग रिलेशन शिप में रहते हुए शारीरिक संबंध बनाए जाने को दुष्कर्म की श्रेणी से बाहर रख चुका है। माननीय न्यायालय ने यह भी टिप्पणी पूर्व आदेश में की है कि यदि आरोपी युवक पहले से विवाहित हो और किसी महिला को लड़की या महिला को शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनता है तो उसको धोखाधड़ी मानकर दुष्कर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। इधर लगातार शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप बढ़ते जा रहे है। सवाल यह भी कि कथित युवतियों में आकर्षण और प्रेम की इतनी विश्वनीयता अजनबी के प्रति किन कारणों से पनपती है? यह रुतबे, पावर, धन या मौज मस्ती की कसौटी पर खड़ा होकर मजबूत फिर कमजोर होता रिश्ता है। या अनजाने में उठाया गया कदम जो परिस्थिती वश बनता है। यह भी कानून सम्मत जांच का और शोध का विषय है। फिलहाल इस मामले से खाकी एक बार फिर दागदार न हो इसलिए तथ्यात्मक जांच आवश्यक है।