शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और गर्भपात के आरोप में सिपाही गिरफ्तार...
यूपी के बांदा मे सिपाही पर दुष्कर्म और रुपया ठगी के आरोप लगने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी की उत्तर प्रदेश सरकार मे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के...
लखनऊ। यूपी के बांदा मे सिपाही पर दुष्कर्म और रुपया ठगी के आरोप लगने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी की उत्तर प्रदेश सरकार मे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पुलिस एस्कॉर्ट मे तैनात सिपाही प्रशांत राय (29) को पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म, गर्भपात कराने, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। बतलाते चले कि यह मामला सामने आते ही यूपी के पुलिस विभाग में भी कौतूहल मच गया है। बीते सोमवार ही बांदा में एक ऐसा मिलता जुलता मामला सामने आया था।
लगातार चार साल तक यौन शोषण का आरोप लगा
मिर्जापुर निवासी सिपाही पर आरोप लगाने वाली पीड़िता का कहना है कि प्रशांत राय ने उससे करीब चार साल पहले संपर्क बढ़ाया था। फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध गहरे होते गए। पीड़िता की मानें तो इस आरोपी ने सारनाथ क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर उसे अपने साथ रखा था। युवती का कहना है कि वह पिछले दो साल से आरोपी के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। वहीं पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई है। घटनाक्रम अनुसार पहली बार करीब छह महीने पहले जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी उसे मिर्जापुर ले गया और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर गर्भपात करा दिया। जिसके बाद कुछ समय तक दोनों के बीच विवाद रहा, लेकिन आरोपी सिपाही ने फिर शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए रखे और यौनाचार होता रहा। उधर कुछ ही समय बाद युवती दोबारा गर्भवती हो गई जिससे इस बार आरोपी सिपाही ने उसे स्वीकार करने के बजाय अपनी शादी कहीं और तय कर ली।
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कौन है आराेपी सिपाही प्रशांत राय
कथित युवती ने बताया कि आरोपी का गुपचुप तरीके से शादी का खुलासा सोशल मीडिया के जरिए हुआ। वहीं आरोप है कि सिपाही ने 25 अप्रैल को प्रयागराज में दूसरी युवती से चुपचाप शादी कर ली और उसको ठुकरा दिया। युवती कहती है सिपाही अपनी शादी के लिए छुट्टी लेकर गया था, लेकिन इस दौरान भी वह पीड़िता के संपर्क में बना रहा और उसे सच्चाई नहीं बताई गई। वहीं शादी का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता को सोशल मीडिया पर उसकी शादी की तस्वीरें मिलीं, यह देखकर वह सदमे में है। इसके बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा, लेकिन वह गोलमोल बातें कर उसे फिर से बहलाने की कोशिश करता रहा। लगातार धोखे और शोषण से परेशान होकर पीड़िता 4 मई को सारनाथ थाना पहुंची और लिखित शिकायत दी है। जिले की पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपी सिपाही को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
इस मामले मे पुलिस ने कहा सिपाही दोषी
स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान जब आरोपी सिपाही के सामने पीड़िता के साथ उसके फोटो और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रखे गए तो वह उलझ गया और जवाब नहीं दिया। दबाव बना तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है ।पुलिस ने इसके बाद उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रशांत राय पिछले दो साल से यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गनर के रूप में तैनात था। यह मूल रूप से मिर्जापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के चंद्रगढ़ गांव का निवासी है। यह करीब 8 साल पहले पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। साथ ही गाजीपुर पुलिस लाइन समेत कई थानों में तैनाती के बाद उसे मंत्री की सुरक्षा में लगाया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उसके निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
वहीं सारनाथ थाना प्रभारी पंकज राय ने बताया कि आरोपी शादी के लिए अवकाश पर गया था। पीड़िता की शिकायत के बाद जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। देखना होगा कि दो दिन में दो सिपाही क्रमशः बांदा के थाना कालिंजर तैनात रहे पवन कनौजिया और मंत्री राजभर के गनर प्रशांत पर क्या कड़ी और नजीर भरी कार्यवाही होती है। इस घटना से खाकी शर्मसार जरूर हो रही है।