एफआईआर और निलंबन के विरोध मे डाक्टर विनीत सिंह पटेल का धरना...

राजकीय दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा मे सेवारत डाक्टर विनीत सिंह पटेल ने आज दिन गुरुवार को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर धरना और हड़ताल की है। इस फौरी हड़ताल का...

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Apr 17, 2026 - 09:49
Apr 17, 2026 - 09:58
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एफआईआर और निलंबन के विरोध मे डाक्टर विनीत सिंह पटेल का धरना...
  • राजकीय दुर्गावती मेडिकल कालेज की जीवन रक्षक अनिवार्य सेवाओं को रोककर आंशिक हड़ताल मे सहयोगी डाक्टरों ने दिया साथ। 
  • डाक्टर विनीत मेडिकल कालेज से इतर सर्वोदय नगर में नंदराज प्राइवेट नर्सिंग होम में भी सेवाएं देते है। शहर की होर्डिंग इसकी गवाह है। फिलहाल वे निलंबित हुए है। 
  • नवाब टैंक के सामने बेशकीमती भूखंड पर निर्माणधीन है निजी नर्सिंग होम। 
  • वादी मुकदमा ग्राम पड़ुई निवासी अनिल कुमार की तरफ से न्यायालय के आदेश और नगर कोतवाली के मुकदमा अपराध संख्या 0183/2026 धारा 125 (बी) दिनांक 9 अप्रैल को दर्ज हुआ है मामला। 

बांदा। राजकीय दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा मे सेवारत डाक्टर विनीत सिंह पटेल ने आज दिन गुरुवार को अपने सहयोगियों के साथ मिलकर धरना और हड़ताल की है। इस फौरी हड़ताल का उद्देश्य संविदा सेवा से निलंबन एवं बीते  9 अप्रैल 2026 को डाक्टर विनीत सिंह पटेल पर दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट है। उल्लेखनीय है कि डाक्टर विनीत सिंह पटेल सर्वोदय नगर में पर्दे के पीछे से नंदराज प्राइवेट नर्सिंग होम भी संचालित करते है। राजकीय मेडिकल में सेवाएं देने के बाद या गाहेबगाहे उसी दरम्यान प्राईवेट चिकित्सा सेवा भी दी जाती है। वहीं बांदा के नरैनी नवाब टैंक मेडिकल कॉलेज रोड पर इनका निजी नर्सिंग होम निर्माणधीन है। डाक्टर विनीत से जुड़ा घटनाक्रम यह रहा कि 23 दिसंबर 2025 को ग्राम पड़ुई निवासी अनिल कुमार की मासूम बेटी मानवी छत से गिरकर चोटिल हो गई थी। पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची को लेकर पिता अनिल कुमार राजकीय मेडिकल कालेज पहुंचे थे। जहां बच्ची का इलाज हड्डी रोग विशेषज्ञ की डिग्री लिए डाक्टर विनीत सिंह पटेल ने किया।
 
पिता का आरोप डाक्टर के गलत इलाज से बेटी का पैर काटना पड़ा.... 

बच्ची के पिता अनिल कुमार मुताबिक डाक्टर विनीत कुमार पटेल ने गलत दवाओं और इंजेक्शन का प्रयोग किया जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई। अनिल कुमार बच्ची को किंग जार्ज मेडिकल कालेज लखनऊ पहुंचे। जहां बच्ची का पैर काटना पड़ा। बकौल पिता अनिल कुमार जब उन्होंने प्रशासन से कार्यवाही की मांग उठाई तो उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। थक हारकर वे न्यायालय पहुंचे फिर कोर्ट के आदेश मुकदमा लिखा गया है। 

एफआईआर के विरोध मे डाक्टर विनीत पटेल ने धरने का सहारा लिया गया.... 

वादी मुकदमा अनिल कुमार के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से आक्रोशित राजकीय मेडिकल कालेज के डाक्टर विनीत सिंह पटेल ने अपने चिकित्सक बंधुओं के संगठन के बैनर तले आज 16 अप्रैल को आंशिक तौर पर धरना, हड़ताल का सहारा लिया गया। मालूम रहे कि संविदा में नियुक्त डाक्टर विनीत सिंह पटेल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं डाक्टरों ने कहा बच्ची का आपरेशन और इलाज पैनल ने किया था। ऐसे मे एफआईआर अकेले डाक्टर विनीत सिंह पटेल पर ही क्यों की गई ? उनका मत है कि यह कार्यवाही पूरे पैनल पर होनी चाहिए। अब सवाल यह है कि यदि वादी अनिल कुमार ने कहीं डाक्टर विनीत सिंह के साथ अभद्रता की होती और आरोपित डाक्टर ने मुकदमा लिखाया होता तो भी क्या डाक्टर विनीत पटेल का संगठन इसी तर्ज पर हड़ताल करता ? डाक्टर साहब ताकतवर तबके से आते है। जातीय और डाक्टरों के संगठन उनके पास है। निजी नर्सिंग होम चल रहे है और एक निर्माण धीन है। प्रशासन पर मानसिक दबाव बनाने को की गई यह हड़ताल उस चिकित्सा सेवा को बाधित करने का प्रयास मालूम पड़ता है जिसको कोरोना काल में भी अनवरत जारी रखा गया था। जीवन रक्षक सेवाओं पर हड़ताल मुख्यमंत्री जी के शासन एवं जनता के मौलिक अधिकारों का भी हनन है। देखना होगा कि जिले में ऐसे सरकारी डॉक्टर जो नर्सिंग होम को पोषित करने के लिए जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज को मरीज पकड़ने का जरिया मानते है उन पर शासन कैसी कार्यवाही करता है। वैसे पुलिस विवेचना है कुछ भी हो सकता है। पावर फुल लोगों से गरीब आम आदमी कितना लड़ सकेगा बड़ा सवाल यही है। वैसे भी राजकीय दुर्गावती मेडिकल कालेज में जातीय गुटबाजी और संविदा कर्मियों,डाक्टरों की गुंडागर्दी कोई नई बात नहीं है। अक्सर मरीजों और उनके तिमारदार के साथ अभद्रता यहां का चलन बन चुका है। कार्यवाही होने पर यह स्टाफ मुख्यमंत्री योगी के एस्मा आदेश को घता बतलाकर हड़ताल और धरना करता रहता है।