होशियार कद्रदान, मेहरबान, 90 हजार मे किराए पर रायफल क्लब मैदान...
शहर के व्यस्त इलाके में स्थित खेल मैदान रायफल क्लब को बिकवाली की चपेट से बचाकर जनता ने भले ही मुसीबत कुछ समय को टाल दी हो। लेकिन इस बार रायफल खेल क्लब...
"बांदा के बाबूलाल चौराहा के पास सूचना विभाग से लगे रायफल क्लब मैदान मे 80 दिन के लिए मनोरंजन मेला अर्थात प्रदर्शनी लगी है। खबर मुताबिक इसका ठेका एक अफसर के रिश्तेदार को दिया गया है। जिसमें नगरपालिका की एनओसी से बीडीए तक आशीर्वाद है।"
बांदा। शहर के व्यस्त इलाके में स्थित खेल मैदान रायफल क्लब को बिकवाली की चपेट से बचाकर जनता ने भले ही मुसीबत कुछ समय को टाल दी हो। लेकिन इस बार रायफल खेल क्लब मैदान में एक बड़े अफसर के रिश्तेदार की पैठ बन गई है। रायफल क्लब मैदान में "फन एंड फेयर प्रदर्शनी" आयोजक यूनिवर्सल अम्यूजमेंट शो करने वाली संस्था को इस प्रदर्शनी का ठेका / किरायानामा। 80 दिन के लिए शहर की नगरपालिका और विकास प्राधिकरण के कृपादृष्टि से मिला है। बांदा शहर में खेल, खिलाड़ियों की शान थे रायफल क्लब मैदान को पूर्व में बेचने का षड्यंत्र भी विकास प्राधिकरण के मार्फ़त होते दिखा था। जिसका विरोध युवाओं, समाज सेवियों, विपक्षी नेताओं ने जमकर विरोध किया था।
बतलाते चले कि उस दरम्यान भी जिले के बड़े भू माफिया और सरकारी जमीनों पर जोर जुगाड से लीज या रजिस्ट्री कराने वाले एक-दो लोग सक्रिय हुए थे। मालूम रहे यह वही लोग है जो श्रमिक और मजदूरों की बांदा कताई मिल में व्यवसायिक भूखंड और प्लाटिंग के मामले में उजागर हुए थे। गौरतलब है कि बांदा विकास प्राधिकरण रायफल क्लब मैदान में नीलामी करने व्यावसायिक संस्थान, दुकानों और शॉपिंग माल आदि खोलने के फिराक में था। इस नीलामी टेंडर का विरोध पूर्व कांग्रेस एवं अब सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्धकी सहित स्थानीय सपा नेताओं और जन संगठन किए थे। वहीं बांदा के बड़े जमींदार संजीव अवस्थी ने उक्त नीलामी रोकने को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका डाली थी। तब आनन फानन में रायफल क्लब की बिकवाली अग्रिम आदेशों तक रोकी गई थी।
नगरपालिका और बीडीए का चमत्कार...
रायफल क्लब मैदान को आगामी 80 दिन के लिए किराए पर देने का कारनामा नगरपालिका और विकास प्राधिकरण ने किया है। इसकी अनुमति बीते 10 मार्च से 30 मई 2026 तक दी गई है। महत्वपूर्ण तथ्य है कि नगरपालिका ने रायफल क्लब जैसे बेशकीमती मैदान (शहर के मध्य स्थित महंगी सर्किल रेट जमीन) का किराया 80 दिन के लिए महज 90 हजार 200 रुपया लिया है। जिसमें 41 हजार रुपए शुल्क और 49 हजार 200 रुपए अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क बताया है। उल्लेखनीय है यहां का सर्किल रेट 10 लाख 3 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर है,वहीं बाजार मूल्य इससे ज्यादा है। काबिले है कि रायफल क्लब मैदान का क्षेत्रफ़ल 8825 वर्गमीटर है। जबकि जमीन मूल्य इसकी 90 करोड़ 89 लाख 75 हजार रुपए आंकी जा रही है। वैसे तो नगरपालिका ने पत्र में अपने बचाव को यह भी कहा है कि मानव अपशिष्ट फैलने पर इसकी सफाई का खर्चा या साफ कराने की जिम्मेदारी आयोजक की होगी। किन्तु यह मुकम्मल कितना होता है वो अलग बात है कलम न फंसे इसलिए बशर्ते कागज दुरुस्त रहना चाहिए।
प्रदर्शनी को मिली एनओसी पर सवाल...
खेल मैदान रायफल क्लब में 80 दिन के लिए प्रदर्शनी लगाने को लेकर जिस तेजी से कागजी कार्यवाही पूरी की गई उसने बड़े सवाल खड़े कर दिए है। बांदा नगर मजिस्ट्रेट ने 6 मार्च को इसके लिए नगरपालिका और बीडीए को पत्र लिखा था। बीडीए ने उसी दिन उल्टे पैर लौटती सरकारी डाक से नगर मजिस्ट्रेट को अनापत्ति प्रमाण पत्र भेज दिया। उधर नगरपालिका ने भी चार दिन बाद एनओसी की खानापूर्ति पूरी करके शुल्क प्रक्रिया समझाते हुए पत्र नगर मजिस्ट्रेट को दे दिया। निजी अखबारी और पत्रकारों के सूत्रों की मानें तो एक बड़े अफसर का रिश्तेदार इस मेले का आयोजक है। मेले की जलपरी चर्चा मे है, युवाओं की सोशल मीडिया रील में उसकी बमचक है। प्रदर्शनी का यह खेला पूर्व में जीआईसी खेल मैदान और पंडित जवाहर लाल नेहरू में स्थानीय एक कथित निगम पत्रकार और उनके करीबी को भी दिया जाता रहा है। जबकि नियमानुसार खेल मैदान का व्यवसायिक उपयोग नहीं होना चाहिए। एनजीटी भी इस पर सख्त है लेकिन बांदा में कानून ठेंगे पर है।